Advertisement

एग्जिट पोल पर RLD प्रमुख जयंत चौधरी ने मंगलवार को कहा कि जब तक ईवीएम खुल नहीं जाती, तब तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सकता है.

उत्तर प्रदेश में चुनाव खत्म होने के बाद एग्जिट पोल्स में भाजपा की दोबारा वापसी हो रही है.जिसको सुनकर भाजपा नेता और कार्यकर्ता ख़ुशी से झूम उठे है. वहीं विपक्ष इन एग्जिट पोल्स के अनुमानों से सहमत नहीं है. समाजवादी पार्टी (सपा) संग गठबंधन कर चुनाव लड़ने वाले राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के अध्यक्ष जयंत चौधरी (Jayant Chaudhary) ने इसे विपक्ष पर मानसिक दबाव बनाने की साजिश कहा है.

एग्जिट पोल पर RLD प्रमुख जयंत चौधरी ने मंगलवार को कहा कि जब तक ईवीएम खुल नहीं जाती, तब तक किसी नतीजे पर पहुंचा नहीं जा सकता. उन्होंने कहा कि एग्जिट पोल की एक प्रक्रिया होती है. मैंने पोलिंग बूथों पर किसी एक्जिट पोल के व्यक्ति को नहीं देखा था, पता नहीं उन्हें अपना डेटा कहां से मिला है. जिससे मैं सहमत नहीं हूं. यह मानसिक दबाव बनाने का तरीका है. जो उत्साह हमने देखा, लोगों में परिवर्तन लाने के लिए एक निश्चय था.


जयंत चौधरी ने कहा कि उन्हें लगता है असल नतीजे एग्जिट पोल से बिल्कुल जुदा होंगे. इसमें कोई संदेह नहीं है कि गठबंधन सरकार बनायेगी. यूपी में डर का माहौल है, जो किसी मतदाता की पसंद के बारे में पूछे जाने पर उसके जवाब को प्रभावित कर सकता है. अगर किसी ने हमें (सपा-रालोद) वोट दिया है, तो वो डर के कारण भाजपा कह सकते हैं.

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा की 403 सीटों के लिए 10 फरवरी से 07 मार्च तक सात चरण में हुए मतदान के बाद कुल 4406 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला ईवीएम में कैद हो गया है. चुनाव आयोग द्वारा पूर्व निर्धारित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, 10 मार्च को मतगणना के बाद फाइनल चुनाव परिणाम घोषित होंगे.

Advertisement

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here