Advertisement

एसएस राजामौली की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘RRR’ सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है. इस फिल्म में साउथ के सुपरस्टार राम चरन, एनटीआर जूनियर, श्रिया सरन के साथ बॉलीवुड से अजय देवगन और आलिया भट्ट जैसे कलाकार अहम किरदारों में हैं. फिल्म को बहुत पसंद किया जा रहा है.

बड़ी सफलता को दोहरा पाना बहुत मुश्किल होता है. लेकिन मशहूर फिल्म मेकर एसएस राजामौली ने इसे कर दिखाया है.. फिल्म ‘RRR’ ने महज दो दिनों में 300 करोड़ रुपए का कलेक्शन करके रिकॉर्ड बना दिया है. फिल्म में साउथ के सुपरस्टार रामचरन और एनटीआर जूनियर के अभिनय की बहुत तारीफ हो रही है. दोनों अभिनेता फिल्म में लीड रोल में हैं.

रामचरन अल्लूरी सीताराम राजू के ऐतिहासिक किरदार में हैं. इन दोनों के अलावा बॉलीवुड के सुपरस्टार अजय देवगन और आलिया भट्ट भी अहम रोल में हैं, लेकिन फिल्म में दोनों की उपस्थिति बहुत ज्यादा नहीं है, क्योंकि दोनों ही सितारों को बहुत ही कम स्क्रीन स्पेस मिला है. इनके किरदारों को देखने के बाद इतना समझ में आ जाता है कि इनकी हैसियत साइड कलाकार से भी ज्यादा गई गुजरी है. ऐसा लगता है कि केवल पोस्टर के लिए दोनों का चेहरा इस्तेमाल किया गया है

फिल्म ‘आरआरआर’ में सुपरस्टार अजय देवगन और आलिया भट्ट भी अहम रोल में हैं.

फिल्म ‘RRR’ में अभिनेता अजय देवगन ने अल्लूरी सीताराम राजू (राम चरण) के पिता वेंकट राम राजू का किरदार निभाया है, जो कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे. गोदावरी के माग्गूल ग्राम में रहने वाले राजू ने अंग्रेजों के खिलाफ आंदोलन किया था. उन्होंने बचपन से ही अल्लूरी को क्रांतिकारी संस्कार दिए थे. उनको अंग्रेजों के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया था. लेकिन फिल्म में उनके जीवन का बहुत कम हिस्सा दिखाया गया है. इसकी वजह से 3 घंटे 6 मिनट की फिल्म में अजय देवगन अपने किरदार में महज पांच मिनट दिखाई देते हैं.

उनके हिस्से में बहुत कम सीन आए हैं. इसी तरह अभिनेत्री आलिया भट्ट फिल्म में सीता के किरदार में हैं. सीता अल्लूरी (राम चरण) की मंगेतर होती है. उसके साथ स्वाधीनता संग्राम में अहम भूमिका निभाती है. लेकिन फिल्म में सीता को भी बहुत कम सीन मिले हैं. कुल मिलाकर फिल्म में उनकी उपस्थिति महज दस मिनट ही है. सही मायने में कहा जाए तो आलिया भट्ट और अजय देवगन को फिल्म में ना भी लिया जाता, तो उनके किरदारों पर कोई असर नहीं पड़ता. इसे साउथ का कोई भी कलाकार बेहतर निभा सकता था.

फिल्म में अजय और आलिया से ज्यादा प्रभावी किरदार और स्क्रीन स्पेस तो हॉलीवुड कलाकारों ओलिविया मॉरिस, एलिसन डूडी और रे स्टीवेंसन को मिला है. ब्रिटिश शासन काल के दौर स्थापित भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों कोमाराम भीम और अल्लूरी सीताराम राजू के जीवन पर आधारित कहानी पर बनी इस एक्शन फिल्म में स्कॉट बक्सटन के किरदार में रे स्टीवेन्सन हैं, जो कि फिल्म का मुख्य खलनायक है. इसी के साथ लेडी बक्सटन के किरदार में एलिसन डूडी हैं, जो कि स्कॉट बक्सटन की पत्नी है.

जेनिफर के किरदार में ओलिविया मॉरिस हैं, जो कि एनटीआर जूनियर के अपोजिट हैं. आलिया भट्ट से ज्यादा स्क्रीन स्पेस तो ओलिविया मॉरिस को मिली है. वैसे देखा जाए तो हिंदुस्तान में जबसे पैन इंडिया फिल्मों का चलन बढ़ा है, फिल्म मेकर्स ने एक फार्मूला तैयार किया है. इसमें साउथ में बनने वाली फिल्मों में बॉलीवुड के कलाकारों को कास्ट किया जाने लगा. इसकी मुख्य वजह ये कि साउथ के साथ बॉलीवुड के सितारों के होने की वजह से फिल्म की पैन इंडिया अपील ज्यादा प्रभावी हो सके. ऑडियंस फिल्म से कनेक्ट कर सके.

ऐसा करने से फिल्म के प्रमोशन में भी आसानी होती है. लेकिन सही मायने में देखा जाए, तो साउथ की पैन इंडिया फिल्मों में बॉलीवुड के सितारे साइड कलाकार बनकर रह गए हैं. फिल्म के पोस्टर पर उनका चेहरा बहुत ही महत्व के साथ दिखाया जाता है. ट्रेलर में भी उनकी उपस्थिति शानदार होती है. इसे देखकर ऐसा लगता है कि उनका रोल भी अहम होगा, लेकिन फिल्म देखने के बाद समझ में आता है कि ये सब छलावा है. क्योंकि बॉलीवुड कलाकारों की हैसियत से बहुत छोटे उनके किरदार होते हैं

Advertisement

1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here